SMART Technologies के क्रिस ऐसल ने EdTech मैगज़ीन के साथ टीचर रिटेंशन पर बात की

शिक्षकों का बर्नआउट (मानसिक थकान) लोगों की समस्या होने के साथ-साथ प्रोद्योगिकी की भी एक समस्या है. हाल ही में, EdTech Magazine ने SMART Technologies की लर्निंग एंड एडॉप्शन मैनेजर क्रिस ऐसल से बात की, ताकि यह समझा जा सके कि ऐसा क्यों है.

इस लेख में RAND के 2025 State of the American Teacher सर्वे के एक चिंताजनक आंकड़े पर विस्तार से चर्चा की गई है. इसके अनुसार, K–12 के 53% शिक्षक बर्नआउट की शिकायत करते हैं, जो अन्य पेशों में देखे गए 39% के आंकड़े से काफी अधिक है. लेख यह भी बताता है कि केवल वेतन और माहौल ही नहीं, बल्कि IT से जुड़े फैसले भी इस बात में अहम भूमिका निभाते हैं कि कौन संगठन में बना रहता है और कौन छोड़कर चला जाता है.

ऐसल के विचारों को पूरे लेख में शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि सही तकनीक का चुनाव शिक्षकों के रोज़मर्रा के काम का बोझ कैसे कम कर सकता है. वह कहती हैं कि "सबसे अच्छी तकनीक वही होती है, जो शिक्षकों का समय बचाए. जब तकनीक का इस्तेमाल शिक्षण के रोबोटिक भागों — जैसे ग्रेडिंग, उपस्थिति या शेड्यूलिंग — को ऑटोमेट करने के लिए किया जाता है, तो इससे शिक्षक अपना ध्यान सबसे महत्वपूर्ण चीज़ पर केंद्रित कर पाते हैं, और वह है छात्रों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ना."

उन्होंने यह भी बिल्कुल स्पष्ट कहा कि जब अलग-अलग सिस्टम आपस में कनेक्ट नहीं होते, तो इसका क्या असर पड़ता है. "अगर कोई डिस्ट्रिक्ट ऐसा ग्रेडिंग टूल खरीदता है जो अटेंडेंस सिस्टम से 'कनेक्ट' नहीं हो पाता है, तो शिक्षकों को मैनुअल डेटा एंट्री के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिसमें समय लगता है और शिक्षकों की कार्यक्षमता को कम करता है," यह इस बात की याद दिलाता है कि इंटिग्रेशन केवल एक अच्छी सुविधा नहीं है, बल्कि मदद करने वाली टेक्नोलॉजी और एक और काम बढ़ाने वाली टेक्नोलॉजी के बीच का अंतर है.

लेख में यह भी बताया गया है कि AI किस तरह से शिक्षकों का समय बचा रहा है, जिसमें क्रिस ने ऐसे टूल्स का ज़िक्र किया जो स्टैटिक कॉन्टेंट में इंटरैक्टिविटी जोड़ने और डिस्ट्रिक्ट कॉन्टेंट व स्टेट स्टैंडर्ड्स के आधार पर तैयार किए गए लेसन प्लान के शुरुआती ड्राफ़्ट जनरेट करने में मदद करते हैं. उन्होंने उन रोज़मर्रा की तकनीकी दिक्कतों का भी ज़िक्र किया, जो शिक्षकों का समय और ऊर्जा दोनों खत्म करती हैं — जैसे डिवाइस कनेक्ट न होना या ऐप्स का लोड न होना — उनके मुताबिक, मजबूत डिवाइस मैनेजमेंट से IT टीम चुपचाप अपडेट और ऐप्स इंस्टॉल कर सकती है, "ताकि घंटी बजते ही डिवाइस तैयार रहें."

क्रिस ने अपनी बात प्रोफे़शनल डेवलपमेंट और कम्युनिटी से जुड़े एक महत्वपूर्ण बिंदु के साथ समाप्त की. उन्होंने बताया कि सहकर्मी सहायता नेटवर्क और प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटीज़ शिक्षकों को विचार साझा करने, अपने सहयोगियों के साथ बेहतर संबंध बनाने और उस अकेलेपन को कम करने में मदद करती हैं, जो अक्सर बर्नआउट को बढ़ावा देता है.

यह इस बात की अच्छी झलक है कि हम कक्षाओं के लिए तकनीक तैयार करते समय किन बातों को ध्यान में रखते हैं — पूरी जानकारी के लिए EdTech Magazine का पूरा लेख पढ़ें.